har taraf har jagah be-shumaar aadmi | हर तरफ़ हर जगह बे-शुमार आदमी

  - Nida Fazli
हरतरफ़हरजगहबे-शुमारआदमी
फिरभीतन्हाइयोंकाशिकारआदमी
सुब्हसेशामतकबोझढोताहुआ
अपनीहीलाशकाख़ुदमज़ारआदमी
हरतरफ़भागतेदौड़तेरास्ते
हरतरफ़आदमीकाशिकारआदमी
रोज़जीताहुआरोज़मरताहुआ
हरनएदिननयाइंतिज़ारआदमी
घरकीदहलीज़सेगेहूँकेखेततक
चलताफिरताकोईकारोबारआदमी
ज़िंदगीकामुक़द्दरसफ़र-दर-सफ़र
आख़िरीसाँसतकबे-क़रारआदमी
  - Nida Fazli
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