ye kaisi kashmakash hai zindagi men | ये कैसी कश्मकश है ज़िंदगी में

  - Nida Fazli
येकैसीकश्मकशहैज़िंदगीमें
किसीकोढूँडतेहैंहमकिसीमें
जोखोजाताहैमिलकरज़िंदगीमें
ग़ज़लहैनामउसकाशाएरीमें
निकलआतेहैंआँसूहँसतेहँसते
येकिसग़मकीकसकहैहरख़ुशीमें
कहींचेहराकहींआँखेंकहींलब
हमेशाएकमिलताहैकईमें
चमकतीहैअँधेरोंमेंख़मोशी
सितारेटूटतेहैंरातहीमें
सुलगतीरेतमेंपानीकहाँथा
कोईबादलछुपाथातिश्नगीमें
बहुतमुश्किलहैबंजारा-मिज़ाजी
सलीक़ाचाहिएआवारगीमें
  - Nida Fazli
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy