har ek baat ko chup-chaap kyun suna jaa.e | हर एक बात को चुप-चाप क्यूँँ सुना जाए

  - Nida Fazli
हरएकबातकोचुप-चापक्यूँँसुनाजाए
कभीतोहौसलाकरकेनहींकहाजाए
तुम्हाराघरभीइसीशहरकेहिसारमेंहै
लगीहैआगकहाँक्यूँँपताकियाजाए
जुदाहैहीरसेराँझाकईज़मानोंसे
नएसिरेसेकहानीकोफिरलिखाजाए
कहागयाहैसितारोंकोछूनामुश्किलहै
येकितनासचहैकभीतजरबाकियाजाए
किताबेंयूँँतोबहुतसीहैंमेरेबारेमें
कभीअकेलेमेंख़ुदकोभीपढ़लियाजाए
  - Nida Fazli
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