yahaañ kab se hi ek mausam ravaan hai | यहाँ कब से ही एक मौसम रवाँ है

  - Virat Nehru
यहाँकबसेहीएकमौसमरवाँहै
ख़िज़ाँथीख़िज़ाँहै,ख़िज़ाँथीख़िज़ाँहै
कोईचीज़अपनीजगहपरनहींहै
यहाँकीवहाँहै,वहाँकीयहाँहै
अजबसानेहामुझपेअक्सरखुलाहै
जोरह-ज़नमिराहैवहीपासबाँहै
कहाँस्वर्ग,परलोक,फ़िरदौस,जन्नत
सितारोंकेआगेतोख़ालीमकाँहै
होज़ुल्मतकीक़ुव्वतसेलड़नेकोहाज़िर
मुहाफ़िज़हमाराजानेकहाँहै
  - Virat Nehru
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