rafugar ho muqaabil to kahii dil dil se milta hai | रफ़ूगर हो मुक़ाबिल तो कहीं दिल दिल से मिलता है

  - Virat Nehru
रफ़ूगरहोमुक़ाबिलतोकहींदिलदिलसेमिलताहै
निगहबान-ए-दिल-ए-सोज़ाँबड़ीमुश्किलसेमिलताहै
ज़ियादाहोहमसेकमहोवोभीहम-सातिश्ना-दम
बराबरचाहनेवालाबड़ेहासिलसेमिलताहै
कहाँतकसाहिलोंकेदरमियाँदरियाबहेगायूँँ
कहींआख़िरतोयेसाहिलकिसीसाहिलसेमिलताहै
गुज़रजातेहैंसबइम्कानजबख़ल्वतमेंजीनेके
तोपरवानाख़ुदउड़करज़ीनत-ए-महफ़िलसेमिलताहै
तिरेहरलम्सकोमहसूसकरकेसोचताहूँमैं
तूशायदहैनहींलेकिनमिरीमंज़िलसेमिलताहै
  - Virat Nehru
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