kabhi jo tootaa taara dikha hai | कभी जो टूटता तारा दिखा है

  - NEERAJ SAINI
कभीजोटूटतातारादिखाहै
ख़ुदासमाँगातेराराब्ताहै
महीनाफागकाजबसेचढ़ाहै
फ़िज़ामेंइश्क़जैसेघुलगयाहै
कियाहैरू-ब-रूइकरार-ए-उल्फ़त
बढ़ायाफागमेराहौसलाहै
करूँँमैंशुक्रियाहरदफ़अतेरा
लकीरोंमेंमुहब्बतलिखदियाहै
येउल्फ़तहैयातेराजादूकोई
उतरताक्यूँनहींतेरानशाहै
नज़रसेतुमनहींमुझकोगिराना
मेरेख़ातिरसनमयेइकसज़ाहै
बटेहैंइंसाँरंगोंमेंयहाँपर
इन्हेंबदरंगकिसनेकरदियाहै
  - NEERAJ SAINI
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