hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Neeraj jha
uljhe hue hain kab se isi ik sawaal men
uljhe hue hain kab se isi ik sawaal men | उलझे हुए हैं कब से इसी इक सवाल में
- Neeraj jha
उलझे
हुए
हैं
कब
से
इसी
इक
सवाल
में
आते
हैं
हम
भी
क्या
कभी
तेरे
ख़याल
में
दीवानों
में
से
उसने
किसी
इक
को
जब
चुना
कुछ
मर
गए
थे
रश्क
से
बाक़ी
मलाल
में
सारे
जहाँ
के
गुल
की
है
तासीर
लग
गई
देने
को
तेरी
एक
हँसी
की
मिसाल
में
पहले
तो
टूट
कर
मियाँ
चाहो
किसी
को
तुम
आता
तभी
मज़ा
भी
है
हिज्र-ओ-विसाल
में
- Neeraj jha
Download Ghazal Image
तल्ख़ियाँ
इस
में
बहुत
कुछ
हैं
मज़ा
कुछ
भी
नहीं
ज़िंदगी
दर्द-ए-मोहब्बत
के
सिवा
कुछ
भी
नहीं
Kaleem Aajiz
Send
Download Image
36 Likes
वो
अक़्ल-मंद
कभी
जोश
में
नहीं
आता
गले
तो
लगता
है
आग़ोश
में
नहीं
आता
Farhat Ehsaas
Send
Download Image
59 Likes
ये
लुत्फ़
मुझ
पर
किसलिए
एहसान
का
क्या
फ़ाइदा
अब
वक़्त
सारा
कट
चुका,
अच्छा-बुरा,
थोड़ा-बहुत
Aziz Nabeel
Send
Download Image
28 Likes
आज
का
दिन
भी
ऐश
से
गुज़रा
सर
से
पाँव
तक
बदन
सलामत
है
Jaun Elia
Send
Download Image
164 Likes
उस
की
ख़्वाहिश
पे
तुम
को
भरोसा
भी
है
उस
के
होने
न
होने
का
झगड़ा
भी
है
लुत्फ़
आया
तुम्हें
गुमरही
ने
कहा
गुमरही
के
लिए
एक
ताज़ा
ग़ज़ल
Irfan Sattar
Send
Download Image
15 Likes
मज़ा
चखा
के
ही
माना
हूँ
मैं
भी
दुनिया
को
समझ
रही
थी
कि
ऐसे
ही
छोड़
दूँगा
उसे
Rahat Indori
Send
Download Image
41 Likes
पलट
कर
लौट
आने
में
मज़ा
भी
है
मुहब्बत
भी
बुलाकर
देख
लो
शायद
पलट
कर
लौट
आएँ
हम
Gaurav Singh
Send
Download Image
3 Likes
हाल-ए-दिल
सब
सेे
छुपाने
में
मज़ा
आता
है
आप
पूछें
तो
बताने
में
मज़ा
आता
है
Nawaz Deobandi
Send
Download Image
42 Likes
शिकायतें
भी
बहुत
हैं
हिकायतें
भी
बहुत
मज़ा
तो
जब
है
कि
यारों
के
रू-ब-रू
कहिए
Ali Sardar Jafri
Send
Download Image
17 Likes
बहुत
सी
हैं
जगह
रहने
कि
यूँँ
तो
मगर
औक़ात
का
अपना
मज़ा
है
Talib Toofani
Send
Download Image
33 Likes
Read More
क़ैस
जितने
भी
बने
हैं
इश्क़
में
सब
के
सब
मारे
गए
हैं
इश्क़
में
जो
है
मक़तल
पहले
कू-ए-यार
था
क़त्ल
होने
सो
खड़े
हैं
इश्क़
में
फूल
देकर
तुम
रवाना
हो
गई
वरना
बोसे
भी
मिले
हैं
इश्क़
में
ज़ोर
बस
राधा
का
चलता
है
यहाँ
श्याम
तो
हारे
हुए
हैं
इश्क़
में
मय-कदे
हैं
शहर
भर
में
एक
दो
और
लाखों
दिल
जले
हैं
इश्क़
में
Read Full
Neeraj jha
Download Image
0 Likes
दुनिया
में
मेरे
दुख
को
दो
चार
समझते
हैं
कहते
हैं
सभी
लेकिन
हाँ
यार
समझते
हैं
आप
अपने
इशारों
से
करते
हैं
बयाँ
जो
भी
बच्चे
नहीं
हैं
हम
सब
सरकार
समझते
हैं
कोई
न
गिला
रक्खा
निस्बत
भी
नहीं
रक्खी
अब
आप
हमें
मतलब
बेकार
समझते
हैं
जिनको
नहीं
हासिल
तू
उनका
ये
तख़य्युल
है
वो
फूल
को
ही
तेरे
रुख़्सार
समझते
Read Full
Neeraj jha
Download Image
0 Likes
न
चाहत
से
न
यादों
से
न
वादों
से
न
ख़्वाबों
से
ग़ज़ल
का
कार-ख़ाना
चल
रहा
है
बस
अज़ाबों
से
उदासी
रंग
बन
कर
हर
वरक़
पर
फैल
जाती
है
तेरी
तस्वीर
होती
है
जुदा
जब
भी
क़िताबों
से
सर-ए-शब
आसमाँ
में
दो
सितारे
जैसे
दिखते
हैं
तिरी
आँखें
भी
कुछ
वैसी
ही
दिखती
हैं
हिजाबों
से
चराग़ों
ने
भी
तो
'नीरज'
तवज्जोह
सबकी
खोई
है
परेशाँ
सिर्फ़
रातें
ही
नहीं
हैं
आफ़ताबों
से
Read Full
Neeraj jha
Download Image
1 Like
फ़क़त
सूरत
नहीं
तेरी
अदा
भी
जान
लेती
है
कभी
आँखें
कभी
ज़ुल्फ़ें
कभी
मुस्कान
लेती
है
तेरे
टूटे
हुए
दिल
को
दोबारा
जोड़
सकते
हैं
मगर
तू
हम
ग़रीबों
के
कहाँ
एहसान
लेती
है
ज़रा
सी
देर
रहने
दे
इसी
के
छाँव
में
मुझको
तेरी
ये
रेशमी
चुन्नी
मेरा
ग़म
छान
लेती
है
नए
लड़कों
न
इतराओ
यही
वो
उम्र
है
जिस
में
मोहब्बत
छोड़
जाती
है
उदासी
जान
लेती
है
Read Full
Neeraj jha
Download Image
3 Likes
कुछ
नहीं
बदला
है
साहब
आप
के
होते
हुए
एक
बच्चा
मर
गया
फिर
भूख
से
रोते
हुए
मैंने
तो
चाहा
था
बस
पाया
नहीं
था
आपको
फिर
मुझे
क्यूँ
डर
लगा
था
आप
को
खोते
हुए
मुझ
पे
बंदिश
कुछ
ज़ियादा
ही
रही
थी
दोस्तों
इश्क़
भी
करना
था
ज़िम्मेदारियाँ
ढोते
हुए
Read Full
Neeraj jha
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Jafa Shayari
Sazaa Shayari
Nature Shayari
Pollution Shayari
Aag Shayari