KHud ko kitna chhota karna padta hai | ख़ुद को कितना छोटा करना पड़ता है

  - Nawaz Deobandi
ख़ुदकोकितनाछोटाकरनापड़ताहै
बेटेसेसमझौताकरनापड़ताहै
जबऔलादेंनालायकहोजातीहैं
अपनेऊपरग़ुस्साकरनापड़ताहै
सच्चाईकोअपनानाआसाननहीं
दुनियाभरसेझगड़ाकरनापड़ताहै
जबसारेकेसारेहीबेपर्दाहों
ऐसेमेंखु़दपर्दाकरनापड़ताहै
प्यासोंकीबस्तीमेंशोलेभड़काकर
फिरपानीकोमहंगाकरनापड़ताहै
हँसकरअपनेचहरेकीहरसिलवटपर
शीशेकोशर्मिंदाकरनापड़ताहै
  - Nawaz Deobandi
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