kahaanii badi mukhtasar hai | कहानी बड़ी मुख़्तसर है

  - Navin C. Chaturvedi
कहानीबड़ीमुख़्तसरहै
कोईसीपकोईगुहरहै
बगूलोंसेउपजेबगूले
हवातोफ़क़तनोंकभरहै
फ़क़ीरोंकोदुनियाकीपरवा
अगरचेनहींहै,मगरहै
ठहरते-ठहरते,ठहरते
ठहरनाभीतोइकहुनरहै
तुम्हाराकहाभीसुनेगी
अभीरूहपरवाज़परहै
कहोतोयहींदिनतलाशें
यहाँतीरगीपुरअसरहै
  - Navin C. Chaturvedi
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