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Nasir Kazmi
aarzoo hai ki tu yahaañ aa.e
aarzoo hai ki tu yahaañ aa.e | आरज़ू है कि तू यहाँ आए
- Nasir Kazmi
आरज़ू
है
कि
तू
यहाँ
आए
और
फिर
उम्र
भर
न
जाए
कहीं
- Nasir Kazmi
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ये
आरज़ू
भी
बड़ी
चीज़
है
मगर
हमदम
विसाल-ए-यार
फ़क़त
आरज़ू
की
बात
नहीं
Faiz Ahmad Faiz
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कुछ
नज़र
आता
नहीं
उस
के
तसव्वुर
के
सिवा
हसरत-ए-दीदार
ने
आँखों
को
अंधा
कर
दिया
Haidar Ali Aatish
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नहीं
निगाह
में
मंज़िल
तो
जुस्तुजू
ही
सही
नहीं
विसाल
मुयस्सर
तो
आरज़ू
ही
सही
Faiz Ahmad Faiz
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उसकी
हसरत
है
जिसे
दिल
से
मिटा
भी
न
सकूँ
ढूँडने
उसको
चला
हूँ
जिसे
पा
भी
न
सकूँ
Ameer Minai
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अश्कों
को
आरज़ू-ए-रिहाई
है
रोइए
आँखों
की
अब
इसी
में
भलाई
है
रोइए
Abbas Qamar
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हमें
इस
मिट्टी
से
कुछ
यूँँ
मुहब्बत
है
यहीं
पे
निकले
दम
दिल
की
ये
हसरत
है
हमें
क्यूँ
चाह
उस
दुनिया
की
हो
मौला
हमारी
तो
इसी
मिट्टी
में
जन्नत
है
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Harsh saxena
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ख़मोशी
मेरी
मअनी-ख़ेज़
थी
ऐ
आरज़ू
कितनी
कि
जिस
ने
जैसा
चाहा
वैसा
अफ़्साना
बना
डाला
Arzoo Lakhnavi
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नाज़-ओ-नख़रे
क्या
उठाए,
क्या
सुने
उस
के
गिले
देखते
ही
देखते
लड़की
घमंडी
हो
गई
देखते
रहने
में
उस
को
और
क्या
होता,
मगर
जो
थी
जान-ए-आरज़ू,
वो
चाय
ठंडी
हो
गई
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Kazim Rizvi
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हम
जानते
तो
इश्क़
न
करते
किसू
के
साथ
ले
जाते
दिल
को
खाक
में
इस
आरज़ू
के
साथ
Meer Taqi Meer
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हम
क्या
करें
अगर
न
तिरी
आरज़ू
करें
दुनिया
में
और
भी
कोई
तेरे
सिवा
है
क्या
Hasrat Mohani
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मुसलसल
बेकली
दिल
को
रही
है
मगर
जीने
की
सूरत
तो
रही
है
मैं
क्यूँँ
फिरता
हूँ
तन्हा
मारा
मारा
ये
बस्ती
चैन
से
क्यूँँ
सो
रही
है
चले
दिल
से
उम्मीदों
के
मुसाफ़िर
ये
नगरी
आज
ख़ाली
हो
रही
है
न
समझो
तुम
इसे
शोर-ए-बहाराँ
ख़िज़ाँ
पत्तों
में
छुप
कर
रो
रही
है
हमारे
घर
की
दीवारों
पे
'नासिर'
उदासी
बाल
खोले
सो
रही
है
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Nasir Kazmi
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बस
यूँँ
ही
दिल
को
तवक़्क़ो'
सी
है
तुझ
से
वर्ना
जानता
हूँ
कि
मुक़द्दर
है
मिरा
तन्हाई
Nasir Kazmi
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उन्हें
सदियों
न
भूलेगा
ज़माना
यहाँ
जो
हादसे
कल
हो
गए
हैं
Nasir Kazmi
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वो
दिल-नवाज़
है
लेकिन
नज़र-शनास
नहीं
मिरा
इलाज
मिरे
चारा-गर
के
पास
नहीं
Nasir Kazmi
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तेरे
आने
का
धोखा
सा
रहा
है
दिया
सा
रात
भर
जलता
रहा
है
अजब
है
रात
से
आँखों
का
आलम
ये
दरिया
रात
भर
चढ़ता
रहा
है
सुना
है
रात
भर
बरसा
है
बादल
मगर
वो
शहर
जो
प्यासा
रहा
है
वो
कोई
दोस्त
था
अच्छे
दिनों
का
जो
पिछली
रात
से
याद
आ
रहा
है
किसे
ढूंढोगे
इन
गलियों
में
नासिर
चलो
अब
घर
चलें
दिन
जा
रहा
है
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Nasir Kazmi
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