जब से उसने नम आँखों में काजल पहना है

  - nakul kumar
जबसेउसनेनमआँखोंमेंकाजलपहनाहै
उसराधाप्यारीनेमुझकोमोहनकहनाहै
इतनीसीधीसादीहैबृजभूमिकिशोरीहै
उसकाहँसनाउसकाखिलनाउसकागहनाहै
ऐसीकोईबातनहींजोबिछड़नहोजाए
छोड़केदुनियादारीसबबरसानेरहनाहै
देखसखीतूजावेतोफिरजातूअपनेघर
हमकोतोहरहालमेंकान्हाकेसंगरहनाहै
राहतकीहैवृन्दावनमेंभरीदुपहरीमें
औरसहेंगेजोकुछभीहोहमकोसहनाहै
  - nakul kumar
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