abhii karna hai kaafi kuchh muhabbat kar nahin saktaa | अभी करना है काफ़ी कुछ मुहब्बत कर नहीं सकता

  - nakul kumar
अभीकरनाहैकाफ़ीकुछमुहब्बतकरनहींसकता
मुझेकुछवक़्तकीदरकारहैमैंमरनहींसकता
डरायाहैमुझेमिलकरकईडरपोकलोगोंने
मगरलड़ताहुआबन्दातोहरगिज़डरनहींसकता
मेरीआँखोंमेंसदियोंकीजमाहोधूलसीजैसे
इन्हींआँखोंमेंअबकुछऔरतोमैंभरनहींसकता
मुझेअनुमानहैइतनाकिमैंचट्टानहूँकोई
किसीदीवारकीउतरननहींहूँझरनहींसकता
  - nakul kumar
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