अपनीअपनीराहोंपरमुद्दततकचलतेचलते
आजअचानकइकचौराहेपरजोतुमसेमेलहुआ
तोमैंनेतेरीगहरीआँखोंमेंझाँका
औरचौंकउठी
इनमेंतपतेसहराओंकाबसेराथा
औरदूरदूरतकवीरानेथे
रीतकेधुँदलेधुँदलेबादलउड़तेफिरतेथे
लेकिनमैंनेएकलम्हेकोयेमंज़रभीदेखलिया
कितपतेजलतेसहराओंमें
मेरेनामकाइकआँसू,इकठंडामीठानख़लिस्तानभीउगाहुआथा