apni apni raahon par muddat tak chalte chalte | अपनी अपनी राहों पर मुद्दत तक चलते चलते

  - Nahid Qasmi
अपनीअपनीराहोंपरमुद्दततकचलतेचलते
आजअचानकइकचौराहेपरजोतुमसेमेलहुआ
तोमैंनेतेरीगहरीआँखोंमेंझाँका
औरचौंकउठी
इनमेंतपतेसहराओंकाबसेराथा
औरदूरदूरतकवीरानेथे
रीतकेधुँदलेधुँदलेबादलउड़तेफिरतेथे
लेकिनमैंनेएकलम्हेकोयेमंज़रभीदेखलिया
कितपतेजलतेसहराओंमें
मेरेनामकाइकआँसू,इकठंडामीठानख़लिस्तानभीउगाहुआथा
  - Nahid Qasmi
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