ek to ishq ki taqseer ki.e jaata hoonus pe main pairavi-e-'meer ki.e jaata hooñ | एक तो इश्क़ की तक़्सीर किए जाता हूँ

  - Naeem Gilani
एकतोइश्क़कीतक़्सीरकिएजाताहूँ
उसपेमैंपैरवी-ए-'मीर'किएजाताहूँ
मा'ज़रतघरकेचराग़ोंसेकरूँँगाकैसे
मैंजोताख़ीरपेताख़ीरकिएजाताहूँ
या'नीतस्वीर-ए-ज़माँपरहैतसर्रुफ़इतना
देखताजाताहूँतहरीरकिएजाताहूँ
बाग़बाँतुझसेतोमैंदाद-तलबहूँभीनहीं
पेड़सुनतेहैंमैंतक़रीरकिएजाताहूँ
येइलाक़ाहोदरियाकीअमल-दारीमें
मैंजहाँनावकोज़ंजीरकिएजाताहूँ
आख़िरशख़ाकउड़ाकरसर-ए-राहेदिलकी
एकदुनियाकोमैंदिल-गीरकिएजाताहूँ
उसकीबुनियादमेंइकख़ाम-ए-ख़यालीहै'नईम'
शहरजोख़्वाबमेंता'मीरकिएजाताहूँ
  - Naeem Gilani
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