एकतोइश्क़कीतक़्सीरकिएजाताहूँ
उसपेमैंपैरवी-ए-'मीर'किएजाताहूँ
मा'ज़रतघरकेचराग़ोंसेकरूँँगाकैसे
मैंजोताख़ीरपेताख़ीरकिएजाताहूँ
या'नीतस्वीर-ए-ज़माँपरहैतसर्रुफ़इतना
देखताजाताहूँतहरीरकिएजाताहूँ
बाग़बाँतुझसेतोमैंदाद-तलबहूँभीनहीं
पेड़सुनतेहैंमैंतक़रीरकिएजाताहूँ
येइलाक़ानहोदरियाकीअमल-दारीमें
मैंजहाँनावकोज़ंजीरकिएजाताहूँ
आख़िरशख़ाकउड़ाकरसर-ए-राहेदिलकी
एकदुनियाकोमैंदिल-गीरकिएजाताहूँ
उसकीबुनियादमेंइकख़ाम-ए-ख़यालीहै'नईम'
शहरजोख़्वाबमेंता'मीरकिएजाताहूँ