dil mit gaya to KHair zaroorat nahin rahi | दिल मिट गया तो ख़ैर ज़रूरत नहीं रही

  - Nadir Shahjahanpuri
दिलमिटगयातोख़ैरज़रूरतनहींरही
हसरतयेरहगईहैकिहसरतनहींरही
येदिलबदलगयाकिज़मानाबदलगया
यातेरीआँखमेंवोमुरव्वतनहींरही
तेरीनज़रकेसाथबदलतारहाहैदिल
दोरोज़भीतोएकसीहालतनहींरही
तर-दामनीसेहाथधोदिल-ए-हज़ीं
क्याअबख़ुदाकीजोशपेरहमतनहींरही
देखेगाख़्वाबमेंभीवोसूरत-ए-सुकूँ
जिसकोख़ुदासचश्म-ए-इनायतनहींरही
उनकीगलीनहींहैउनकाहरीमहै
जन्नतभीमेरेवास्तेजन्नतनहींरही
किसशबतड़पतड़पकेकाटीतमामशब
किसरोज़मेरेघरपेक़यामतनहींरही
'नादिर'आएहर्फ़तुम्हारीज़बानपर
वोशे'रक्याहैजिसमेंफ़साहतनहींरही
  - Nadir Shahjahanpuri
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