sab ko ye fikr haath se ab ek pal na jaa.e | सब को ये फ़िक्र हाथ से अब एक पल न जाए

  - Nadeem Fazli
सबकोयेफ़िक्रहाथसेअबएकपलजाए
दुनियाहुदूद-ए-वक़्तसेआगेनिकलजाए
सबकोफ़रेबदेमगरइतनारहेख़याल
बहरूपभरतेभरतेयेचेहराबदलजाए
ग़मसेनिबाहकीजिएइसतमकनतकेसाथ
दिलकाशराराआँखकीहदतकमचलजाए
ज़ौक़-ए-नज़रदियाहैतोज़र्फ़-ए-नज़रभीदे
डरहैमुझेशुऊरकीवुसअतनिगलजाए
सुनताहूँआपमेरीअयादतकोआएँगे
करताहूँसौजतनकितबीअ'तसँभलजाए
वोदर्दहैकिफटपड़ेदिलकहीं'नदीम'
वोख़ौफ़हैकिरीढ़कीहड्डीपिघलजाए
  - Nadeem Fazli
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy