kuchh is tarah se zamaane pe ch | कुछ इस तरह से ज़माने पे छाना चाहता है

  - Nadeem Farrukh
कुछइसतरहसेज़मानेपेछानाचाहताहै
वोआफ़्ताबपेपहरेबिठानाचाहताहै
तअ'ल्लुक़ातकेधागेतोकबकेटूटचुके
मगरयेदिलहैकिफिरआनाजानाचाहताहै
जोक़तराक़तराइकट्ठाहुआथाआँखोंमें
वोख़ूनअबमिरीपलकोंपेआनाचाहताहै
चटख़रहाहैजोरहरहकेमेरेसीनेमें
वोमुझमेंकौनहैजोटूटजानाचाहताहै
अमीर-ए-शहरतिरीबंदिशेंमआज़-अल्लाह
फ़क़ीरअबतिरीबस्तीसेजानाचाहताहै
येख़्वाहिशातकापंछीअजीबहैहररोज़
नईफ़ज़ाएँनयाआब-ओ-दानाचाहताहै
उदासीझाँकनेलगतीहैउसकीआँखोंसे
वोशख़्सजबभीकभीमुस्कुरानाचाहताहै
  - Nadeem Farrukh
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