kaii sapne adhoore rah ga.e hain | कई सपने अधूरे रह गए हैं

  - Nadeem Farrukh
कईसपनेअधूरेरहगएहैं
मिरीमुट्ठीमेंलम्हेरहगएहैं
ख़ुशामदकाहुनरहमकोआया
इसीबाइ'सेतोपीछेरहगएहैं
परेशाँइसलिएफिरतेहैंबादल
बहुतसेखेतप्यासेरहगएहैं
हमअपनेज़ीस्तकेअंधेसफ़रमें
अकेलेथेअकेलेरहगएहैं
बहुतख़ुशहोचराग़ोंकोबुझाकर
वोदेखोचाँदतारेरहगएहैं
  - Nadeem Farrukh
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