rooh haazir hai mire yaar koi masti ho | रूह हाज़िर है मिरे यार कोई मस्ती हो

  - Nadeem Bhabha
रूहहाज़िरहैमिरेयारकोईमस्तीहो
हल्क़ा-ए-रक़्सहैतय्यारकोईमस्तीहो
मुझकोमिट्टीकेपियालेमेंपिलाताज़ाशराब
जिस्महोनेलगाबे-कारकोईमस्तीहो
चारसम्तोंनेतिरेहिज्रकेघुंघरूबाँधे
औरहमलोगभीहैंचारकोईमस्तीहो
मैंमन-ओ-तूकेसहीफ़ोंकीतिलावतकरूँँगा
बे-वज़ूहूँमिरीसरकारकोईमस्तीहो
कोईवाइज़वज़ीफ़ाकिकोईसौम-ओ-सलात
जानछूटेमिरीइकबारकोईमस्तीहो
तेरेएहसासकीशिद्दतसेभराबैठाहूँ
अबइंकारइक़रारकोईमस्तीहो
बे-नियाज़ानारहेगातिरीदुनियामेंफ़क़ीर
ख़्वाब-ओ-ख़्वाहिशनहींदरकारकोईमस्तीहो
  - Nadeem Bhabha
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy