ha | हमें सफ़ीना-ए-हस्ती का रहनुमा न मिला

  - Nabiul Hasan Shamim
हमेंसफ़ीना-ए-हस्तीकारहनुमामिला
ख़ुदाकोसाथलियाकोईनाख़ुदामिला
सुकून-ए-क़ल्बमिलाबे-नियाज़ियाँपाईं
उठाएहाथजोतेरीतरफ़तोक्यामिला
किसीकीशिरकत-ए-अग़्यारकबगवाराथी
ख़ुदाकाशुक्रकोईदर्द-आश्नामिला
तड़पतड़पकेतिरेबिस्मिलोंनेमक़्तलमें
बढ़ाएहाथमगरदामन-ए-क़ज़ामिला
मिलीथीआँखतोफिरताब-ए-दीदभीमिलती
तजल्लियोंकेतमाशामेंकुछमज़ामिला
थाइज़्तिराबमेंवोलुत्फ़-ए-ज़िंदगीमुज़्मर
फिरउसकेबादकिसीबातमेंमज़ामिला
तुम्हारीशोख़ी-ए-तक़रीरकातोक्याकहना
जवाबसाफ़कभीमेरीबातकामिला
निगाहशर्मसेनीचीरहीपशेमाँकी
वोबे-वफ़ाजोमिलाभीतोबे-वफ़ामिला
शरीक-ए-हालअबअहबाबतकनहींहोते
'शमीम'हमकोभीक़िस्मतसेक्याज़मानामिला
  - Nabiul Hasan Shamim
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