jab se ummeed baandhi patthar par | जब से उम्मीद बाँधी पत्थर पर

  - Nabeel Ahmad Nabeel
जबसेउम्मीदबाँधीपत्थरपर
धूलसीजमगईमुक़द्दरपर
किसनेचादरधुएँकीतानीहै
मेरेजन्नत-मिसालमंज़रपर
मेरेचारागरोंनेरक्खाहै
एकइकरास्तेकोठोकरपर
आसमाँकीतलबमेंकटकरभी
फड़फड़ातेरहेबराबरपर
पासतीर-ओ-कमाँकेहोतेहुए
ख़ौफ़तारीहैमेरेलश्करपर
जबघड़ीइम्तिहानकीआई
मैंनेरखदीज़बाँअख़गरपर
क़ैदकमरेमेंहोगयाहूँ'नबील'
फेंककरमैंगलीसेबाहरपर
  - Nabeel Ahmad Nabeel
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