khwaab tootaa hai to vo uske nishaan dhoondhta hai | ख़्वाब टूटता है तो वो उसके निशां ढूँढता है

  - Murli Dhakad
ख़्वाबटूटताहैतोवोउसकेनिशांढूँढताहै
चाँदफ़लकपरहै,ज़मींपरकहाँढूँढताहै
तेरेहीअंदरहैयेकसकसाक़ीरुकजा
क्यूँँबेइंतहाँदौड़ताहै,यहाँ-वहाँढूँढताहै
मुझसेेमेरावजूदतोछूटाजाताहैपरमुझ
में
कोईबेहदखिंचताहैऔरइंसानढूँढताहै
मेरीकिस्मततेरीकिस्मतकेफसानेसुनतीहै
मेरालहूतेरेलहूकेनिशानढूँढताहै
बस्तीपेबस्तीबसतीजातीहैऔर
गुमहोतेहुएइंसानकोइंसानढूँढताहै
किसीनग
में,किसीग़ज़ल,किसीमयकेप्यालेमें
'रिंद'अपनीअनहदकामकानढूँढताहै
  - Murli Dhakad
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