dil dukhaane ko aa.e ho tum | दिल दुखाने को आए हो तुम

  - Murli Dhakad
दिलदुखानेकोआएहोतुम
फिररुलानेकोआएहोतुम
क्यानएकिस्मकाकुछसितम
आज़मानेकोआएहोतुम
चिट्ठियाँलाएहोयापरन्द
आबोदानेकोआएहोतुम
पासआओगेयादूरियां
औरबढ़ानेकोआएहोतुम
जलनेदोमेरेदिलकाचराग़
क्यूँबुझानेकोआएहोतुम
दिलमेंहैएकअजबसीलहर
किबुलानेकोआएहोतुम
हमजैसेफ़क़ीरोंकेपास
क्याचुरानेकोआएहोतुम
येकहनाकिइसबारतो
कुछगंवानेकोआएहोतुम
मानलूँमैंकिमजबूरहोतुम
क्याहंसानेकोआएहोतुम
रेतपरजोलिखाहीनहीं
वोमिटानेकोआएहोतुम
तुमकोहैकुछख़बरकुछहिसाब
एकजमानेकोआएहोतुम
मुझकोशकहैबहारोंकागीत
गुनगुनानेकोआएहोतुम
महकेमहकेइशारोंसेक्या
घरगिरानेकोआएहोतुम
अबसमुंदरमेंघरहैमेरा
क्याडूबानेकोआएहोतुम
  - Murli Dhakad
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy