मिलीइकज़िंदगीऔरफिरअचानकआँखभरआई
हुईबेहदख़ुशीऔरफिरअचानकआँखभरआई
किसीनेबज़्म-ए-उल्फ़तमेंजोकलज़िक्र-ए-वफ़ाछेड़ा
कसकदिलमेंउठीऔरफिरअचानकआँखभरआई
जोबरसोंबादघरलौटातोमुझकोदेखकरअम्मा
ज़रापहलेहँसीऔरफिरअचानकआँखभरआई
छुपाएफिररहाथामैंवजहअपनेउदासीकी
किसीनेपूछलीऔरफिरअचानकआँखभरआई
बनाकरबैठेथेपत्थरहमअपनादिलविदाईतक
तेरीडोलीउठीऔरफिरअचानकआँखभरआई