mili ik zindagi aur phir achaanak aankh bhar aayi | मिली इक ज़िंदगी और फिर अचानक आँख भर आई

  - Murari Mandal
मिलीइकज़िंदगीऔरफिरअचानकआँखभरआई
हुईबेहदख़ुशीऔरफिरअचानकआँखभरआई
किसीनेबज़्म-ए-उल्फ़तमेंजोकलज़िक्र-ए-वफ़ाछेड़ा
कसकदिलमेंउठीऔरफिरअचानकआँखभरआई
जोबरसोंबादघरलौटातोमुझकोदेखकरअम्मा
ज़रापहलेहँसीऔरफिरअचानकआँखभरआई
छुपाएफिररहाथामैंवजहअपनेउदासीकी
किसीनेपूछलीऔरफिरअचानकआँखभरआई
बनाकरबैठेथेपत्थरहमअपनादिलविदाईतक
तेरीडोलीउठीऔरफिरअचानकआँखभरआई
  - Murari Mandal
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