qurbat ke un dinon men bhi j | क़ुर्बत के उन दिनों में भी जाना पड़ा मुझे

  - Muntazir Firozabadi
क़ुर्बतकेउनदिनोंमेंभीजानापड़ामुझे
आँखोंसेअपनीराज़छुपानापड़ामुझे
दिलकोतोमैंनेझूठसेबहलालियामगर
थोड़ाबहुततोशोरमचानापड़ामुझे
वोचाहताथाखेलनामेरेहीजिस्मसे
फिरदरमियानइश्क़केआनापड़ामुझे
उसकोथाशौक़बीचसमुंदरमेंमरनेका
साहिलकोखींचखींचकेलानापड़ामुझे
बे-रंगकरनीथीमुझेअपनीयेज़िंदगी
सोशा'इरीमेंरंगगिरानापड़ामुझे
उसकायेमाननाथाकिमैंउससेबढ़केहूँ
करकेतबाहख़ुदकोघटानापड़ामुझे
तूबनरहाख़ुदाहैतोयेभीहिसाबदे
कितनाबिगाड़करकेबनानापड़ामुझे
इसशे'रकोसुनानाथाउसशख़्सकोमुझे
महफ़िलमेंआपकीयेसुनानापड़ामुझे
  - Muntazir Firozabadi
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