jo mujh se door jaana chahta tha | जो मुझ से दूर जाना चाहता था

  - Muntazir Firozabadi
जोमुझसेदूरजानाचाहताथा
वोमेरेसाथहीपकड़ागयाथा
मैंअपनीमुट्ठियोंमेंक़ैदथाया
मुझेऐसाकिसीनेकरदियाथा
मिरीआँखेंतोमैंनेनोचलींथीं
मुझेफिरभीकिसीनेपढ़लियाथा
बिछड़तेवक़्तभीदिलकुछबोला
येपागलज़ब्तकरकेरहगयाथा
थाउससेइश्क़काइज़हारकरना
मुझेकुछऔरहीकहनापड़ाथा
उसेमुझसेरिहाईचाहिएथी
मैंअपनीलाशपरबैठाहुआथा
कहादोनोंनेइकदूजेकोबेहतर
बसउसकेबा'दझगड़ाहोगयाथा
जहाँकेतब्सिरेसेतंगकर
बहुतनुक़सानहमनेकरलियाथा
सितारेबढ़रहेथेमेरीजानिब
मगरवोचाँदक्यूँँठहराहुआथा
मिरेयारोतुम्हारीहीबदौलत
सफ़रजारीहुआहै,रुकगयाथा
कभीआवाज़दीथी'मुंतज़िर'को
मैंअपनेआपसेटकरागयाथा
  - Muntazir Firozabadi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy