mujh ko gehraai men miTTi ki utar jaana hai | मुझ को गहराई में मिट्टी की उतर जाना है

  - Munawwar Rana
मुझकोगहराईमेंमिट्टीकीउतरजानाहै
ज़िंदगीबाँधलेसामान-ए-सफ़रजानाहै
घरकीदहलीज़पेरौशनहैंवोबुझतीआँखें
मुझकोमतरोकमुझेलौटकेघरजानाहै
मैंवोमेलेमेंभटकताहुआइकबच्चाहूँ
जिसकेमाँबापकोरोतेहुएमरजानाहै
ज़िंदगीताशकेपत्तोंकीतरहहैमेरी
औरपत्तोंकोबहर-हालबिखरजानाहै
एकबे-नामसेरिश्तेकीतमन्नालेकर
इसकबूतरकोकिसीछतपेउतरजानाहै
  - Munawwar Rana
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