KHud apne hi haathon ka likha kaat raha hooñ | ख़ुद अपने ही हाथों का लिखा काट रहा हूँ

  - Munawwar Rana
ख़ुदअपनेहीहाथोंकालिखाकाटरहाहूँ
लेदेखलेदुनियामैंपताकाटरहाहूँ
येबातमुझेदेरसेमा'लूमहुईहै
ज़िंदाँहैयेदुनियामैंसज़ाकाटरहाहूँ
दुनियामिरेसज्देकोइबादतसमझना
पेशानीपेक़िस्मतकालिखाकाटरहाहूँ
अबआपकीमर्ज़ीहैइसेजोभीसमझिए
लेकिनमैंइशारेसेहवाकाटरहाहूँ
तूनेजोसज़ादीथीजवानीकेदिनोंमें
मैंउम्रकीचौखटपेखड़ाकाटरहाहूँ
  - Munawwar Rana
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