hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Munawwar Rana
chaanv mil jaa.e to kam daam men bik jaati hai
chaanv mil jaa.e to kam daam men bik jaati hai | छाँव मिल जाए तो कम दाम में बिक जाती है
- Munawwar Rana
छाँव
मिल
जाए
तो
कम
दाम
में
बिक
जाती
है
अब
थकन
थोड़े
से
आराम
में
बिक
जाती
है
आप
क्या
मुझ
को
नवाज़ेंगे
जनाब-ए-आली
सल्तनत
तक
मिरे
इनआ'म
में
बिक
जाती
है
शे'र
जैसा
भी
हो
इस
शहर
में
पढ़
सकते
हो
चाय
जैसी
भी
हो
आसाम
में
बिक
जाती
है
वो
सियासत
का
इलाक़ा
है
उधर
मत
जाना
आबरू
कूचा-ए-बद-नाम
में
बिक
जाती
है
- Munawwar Rana
Download Ghazal Image
बख़्शी
हैं
हम
को
इश्क़
ने
वो
जुरअतें
'मजाज़'
डरते
नहीं
सियासत-ए-अहल-ए-जहाँ
से
हम
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
31 Likes
सजा
दूँ
मांँग
मैं
तेरी
लहू
से
आज
मैं
अपने
बुरा
मानो
अगर
मेरे
न
तुम
सरकार,
होली
में
Shashank Shekhar Pathak
Send
Download Image
2 Likes
इन
से
उम्मीद
न
रख
हैं
ये
सियासत
वाले
ये
किसी
से
भी
मोहब्बत
नहीं
करने
वाले
Nadim Nadeem
Send
Download Image
22 Likes
हमारे
ख़ौफ़
से
बाज़ार
उछलते
हैं
जहाँ
भर
में
सिसकने
से
हमारे
कौन
सी
सरकार
गिरती
है
Nomaan Shauque
Send
Download Image
17 Likes
सियासत
के
चेहरे
पे
रौनक़
नहीं
ये
औरत
हमेशा
की
बीमार
है
Shakeel Jamali
Send
Download Image
25 Likes
दीवार
उठाने
की
तिजारत
नहीं
आई
दिल्ली
में
रहे
और
सियासत
नहीं
आई
बिकने
को
तो
दिल
बिक
गया
बाज़ार
में
लेकिन
जो
आप
बताते
थे
वो
क़ीमत
नहीं
आई
Read Full
Obaid Azam Azmi
Send
Download Image
26 Likes
मुक़ाबिल
फ़ासलों
से
ही
मोहब्बत
डूब
जाएगी
सुनोगी
झूठी
बातें
तुम
हक़ीक़त
डूब
जाएगी
चलेगी
तब
तलक
जब
तक
तिरी
परछाईं
देखेगी
तिरा
जब
हुस्न
देखेगी
सियासत
डूब
जाएगी
Read Full
Anurag Pandey
Send
Download Image
3 Likes
मुहब्बत
में
हमने
सियासत
न
की
तभी
इश्क़
में
कोई
बरकत
न
की
उसे
मानता
था
मैं
अपना
ख़ुदा
कभी
उसकी
लेकिन
इबादत
न
की
Read Full
RAJAT AWASTHI
Send
Download Image
6 Likes
ऐसा
नहीं
बस
आज
तुझे
प्यार
करेंगे
ता'उम्र
यही
काम
लगातार
करेंगे
सरकार
करेगी
नहीं
इस
देश
का
उद्धार
उद्धार
करेंगे
तो
कलाकार
करेंगे
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
57 Likes
मैं
भूल
चुका
हूँ
कि
ये
वनवास
है
वन
है
इस
वक़्त
मेरे
सामने
सोने
का
हिरन
है
मैं
ध्यान
से
कुछ
सुन
ही
नहीं
पाऊँगा
सरकार
मैं
क्या
ही
बताऊँ
कि
मेरा
ध्यान
मगन
है
Read Full
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
42 Likes
Read More
उस
वक़्त
भी
अक्सर
तुझे
हम
ढूँढने
निकले
जिस
धूप
में
मज़दूर
भी
छत
पर
नहीं
जाते
Munawwar Rana
Send
Download Image
57 Likes
ये
ऐसा
क़र्ज़
है
जो
मैं
अदा
कर
ही
नहीं
सकता
मैं
जब
तक
घर
न
लौटूँ
मेरी
माँ
सज्दे
में
रहती
है
Munawwar Rana
Send
Download Image
39 Likes
मैंने
कल
शब
चाहतों
की
सब
किताबें
फाड़
दीं
सिर्फ़
इक
काग़ज़
पे
लिक्खा
लफ़्ज़-ए-माँ
रहने
दिया
Munawwar Rana
Send
Download Image
51 Likes
जब
तक
है
डोर
हाथ
में
तब
तक
का
खेल
है
देखी
तो
होंगी
तुमने
पतंगें
कटी
हुई
Munawwar Rana
Send
Download Image
33 Likes
ख़ुदा
ने
यह
सिफ़त
दुनिया
की
हर
औरत
को
बख़्शी
है
कि
वो
पागल
भी
हो
जाए
तो
बेटे
याद
रहते
हैं
Munawwar Rana
Send
Download Image
70 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Alone Shayari
Tohfa Shayari
Dillagi Shayari
Self respect Shayari
Nature Shayari