बाहरहिसार-ए-ज़ब्तसेआनापड़ामुझे
आख़िरमलाल-ए-रूहबतानापड़ामुझे
मस्कनअराइशीमेंथीख़ुशियाँहीलाज़मी
सोग़मकोशा'इरीमेंसजानापड़ामुझे
करबैठाकलबक़ायाफ़राइज़कामैंहिसाब
साँसोंकाफिरहिसाबलगानापड़ामुझे
इकशे’रहुस्न-ए-यारकीरा’नाइयोंपेथा
अफ़सोस,महफ़िलोंमेंसुनानापड़ामुझे
तन्हाहीइसजहानमेंआयाथामैंकभी
तन्हाहीइसजहानसेजानापड़ामुझे
दिलसेज़राग़रीबथादिलकामकींमेरा
मेयारइसलिएभीगिरानापड़ामुझे
‘मौजी’मुहब्बतोंकीरिवायतअजीबथी
ख़ुदरूठकेभीउनकोमनानापड़ामुझे