vasl ki do-chaar raaton ke sahaare | वस्ल की दो-चार रातों के सहारे

  - Manmauji
वस्लकीदो-चाररातोंकेसहारे
काटलेंगेउम्रवादोंकेसहारे
दिनबदौलतमुश्किलोंकेकटरहेहैं
रातयादोंकीबरातोंकेसहारे
क्याहुआतक़दीरमेंग़रहादसेहैं
जीहीलेंगेवारदातोंकेसहारे
हरदफ़ाघुटनेटिकाएज़िंदगीने
फिरलड़ाहरबारमातोंकेसहारे
वोकभीजोहम-क़दमबनतेथे‘मौजी’
देरहेहैंसिर्फ़बातोंकेसहारे
  - Manmauji
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