ehsaas-e-mohabbat ka lab pe jo tar | एहसास-ए-मुहब्बत का लब पे जो तराना है

  - Manmauji
एहसास-ए-मुहब्बतकालबपेजोतरानाहै
समझोतोहक़ीक़तहैसमझोतोफ़सानाहै
इकशामचलेआओपहलूमेंबिनाकाजल
रोनाहैगलेलगकरतुमकोभीरुलानाहै
आहोंकावसीलाहैयेइल्म-ए-ग़ज़लगोई
बे’नामसदाओंकोमिसरोंमेंसुनानाहै
मुर्ग़-ए-सहरपैहममतशोरमचाइतना
नींदआईहैमुद्दतसेअबहोशआनाहै
ग़ुर्बतमेंबसरइकतोऊपरसेमुहब्बतभी
काग़ज़काबदन“मौजी”बारिशमेंनहानाहै
येसख़्तहिदायतहै'मौजी'कीतबीबोंको
उसकीशिफ़ाकरनाजोज़ख़्मपुरानाहै
  - Manmauji
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