कलशबहसीनख़्वाबोंकीतस्वीरबनातेहुए
राँझेकीआँखलगगईथीहीरबनातेहुए
आहनगरीहीपेशाहमाराहैतोफिरआजक्यूँ
येहाथकपकपातेहैंशम्शीरबनातेहुए
गरखेलज़िंदगीकादुबाराहोतोक़ातिबकभी
लिखनानतूमिराउसेतक़्दीरबनातेहुए
चाहाकिधारदारहोबसइसलिएउनआँखोंको
रक्खागयाथापेशेनज़रतीरबनातेहुए
शादाबकीहोखैरकिज़िन्दानमेंचलतारहा
उसकाहीज़िक्रहरघड़ीज़ंजीरबनातेहुए