karunga kya main aaKHir zarf ka aise jawaan hokar | करूँँगा क्या मैं आख़िर ज़र्फ़ का ऐसे जवाँ होकर

  - Krishna Mishra
करूँँगाक्यामैंआख़िरज़र्फ़काऐसेजवाँहोकर
मुकरजातीहैजबआवाज़मेरीअबबयाँहोकर
तोमेरीहीकिसीख़्वाहिशकीयेमंज़िलरहाहोगा
मेरारस्तागुज़रताहैअगरसाक़ीयहाँहोकर
कहूँकैसेमैंदुनियाकोमेरामहबूबअच्छाहै
मैंतोअबभीभटकताहूँयहाँहोकरवहाँहोकर
लुटादेताहैसबसपनेजोसारेशौक़बच्चोंपर
ख़ुदाआताहैधरतीपरपिताहोकरयामाँहोकर
मेरीजलतीचिताकेपासइकदीपकजलाजाना
तेरीखिड़कीपेआऊँगामैंइकजुगनूकीजाँहोकर
मुझेडरहैकिरहजाऊँबसअख़बारमेंदबकर
मुझेतोथाकिमरकरभीमैंनिकलूँदास्ताँहोकर
  - Krishna Mishra
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