कभीहमज़मींतोकभीआसमाँढूँढतेहैं
किनारेयेदरियाकेकिसकानिशाँढूँढतेहैं
कभीजिसगलीसेभीगुजरेनहींउसगलीमें
पताअपनालेकरतिराक्यूँमकाँढूँढतेहैं
सनमतिश्नगीकालबोंपेतिरेकिसलिएअब
सभीबेवजहयूँँहमारानिशाँढूँढतेहैं
चराग़ोंकीलौमेंयूँँशाम-ओ-सहरख़ामख़ाहम
वोइकलापताहम-नशींकहकशाँढूँढतेहैं