hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ankur Mishra
chaanv sehra kii shajar ko
chaanv sehra kii shajar ko | छाँव सहरा की शजर को
- Ankur Mishra
छाँव
सहरा
की
शजर
को
ढूँढती
है
धूप
घर
को
किस
तरह
करता
जुदा
मैं
आइने
से
उस
नज़र
को
चूम
लेती
हैं
निगाहें
जब
निगाहों
से
नज़र
को
अब
तलक
भूले
नहीं
हैं
ये
क़दम
उस
रह-गुज़र
को
रात
रखती
है
जगाए
ऐ
मुसाफ़िर
इस
सहर
को
- Ankur Mishra
Download Ghazal Image
चंद
क़तरों
से
गुज़ारा
कर
लिया
हमने
दरिया
से
किनारा
कर
लिया
करने
आई
तब
तकाज़ा
ज़िंदगी
मौत
ने
जब
काम
सारा
कर
लिया
किस
तरह
माँगूँ
ख़ुदास
अब
उसे
मैंने
मेरा
जब
सहारा
कर
लिया
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
हाल-ए-दिल
कह
नहीं
सकते
साथ
तेरे
बह
नहीं
सकते
छोड़
दी
है
मय-कशी
हमने
तन्हा
हम
अब
रह
नहीं
सकते
बरसों
देखा
रस्ता
तेरा
पर
और
ज़िल्लत
सह
नहीं
सकते
कर
लिया
है
इश्क़
ख़ुद
से
अब
दूर
घर
से
रह
नहीं
सकते
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
कब
कहा
है
दु'आ
दीजिए
ज़हर
मुझको
पिला
दीजिए
उम्र
काफ़ी
है
इतनी
मुझे
रुख़
से
पर्दा
हटा
दीजिए
ज़िंदगी
दे
रही
है
सदा
नाम
मेरा
बता
दीजिए
मौत
मंज़ूर
है
ये
मुझे
जिस्म
मेरा
जला
दीजिए
याद
करता
है
दिल
ये
उसे
नींद
से
अब
जगा
दीजिए
शाम
ढलने
लगी
है
बशर
अश्क
जाके
बहा
दीजिए
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
ज़ख़्म
वो
ताज़ा
कर
देता
है
सर
वो
शानों
पे
धर
देता
है
कैसे
देखूँ
कोई
आइना
आँख
तर
वो
ये
कर
देता
है
जाऊँ
मैं
ले
के
ख़ुद
को
कहाँ
मुफ़्त
दिल
में
वो
घर
देता
है
मैं
बचाता
हूँ
ख़ुद
को
वो
पर
ख़्वाब
से
रातें
भर
देता
है
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
1 Like
आँखों
में
यादों
का
समुंदर
ढूँढ़ना
मुश्किल
है
अंदर
घर
के
ही
घर
ढूँढ़ना
उम्मीद
क़ायम
है
मगर
आसाँ
नहीं
तन्हा
लबों
पे
धुँधले
अक्षर
ढूँढ़ना
थे
साथ
जिस
में
हम
कभी
दोनों
बशर
मुमकिन
हो
तो
वो
एक
मंज़र
ढूँढ़ना
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Mehman Shayari
Khuda Shayari
Ishq Shayari
Raqeeb Shayari
Mehnat Shayari