hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ankur Mishra
baad uske bhi jeena pada tha
baad uske bhi jeena pada tha | बाद उसके भी जीना पड़ा था
- Ankur Mishra
बाद
उसके
भी
जीना
पड़ा
था
सारे
ज़ख़्मों
को
सीना
पड़ा
था
आँखों
से
बहता
था
इन
लहू
पर
अश्कों
को
यार
पीना
पड़ा
था
उसको
तो
मिल
गया
था
सहारा
तकिया
मुझको
भिगोना
पड़ा
था
कैसे
हो
फिर
यक़ीं
उस
पे
'अंकुर'
पास
जिसके
नगीना
पड़ा
था
- Ankur Mishra
Download Ghazal Image
दर-ब-दर
बेज़ार
होना
है
मान
लेते
हैं
कि
रोना
है
मुद्दतों
से
बह
रहा
हूँ
मैं
और
कितना
अब
डुबोना
है
रंग
फीके
पड़
गए
सारे
हिस्से
मेरे
बस
ये
कोना
है
हाल
किसको
अब
बताएँ
हम
किसलिए
नश्तर
चुभोना
है
देखते
हो
क्यूँ
मुझे
ऐसे
अश्क
आँखों
में
पिरोना
है
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
फिर
गले
ख़ुद
को
लगा
कर
कर
दिया
रुख़्सत
रुला
कर
देखते
कैसे
कोई
हम
ख़्वाब
यूँॅं
पर्दा
गिरा
कर
भर
गए
थे
रूह
तक
हम
जिस्म
की
सूरत
में
आ
कर
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
ख़्वाहिशों
की
सहर
देखते
हैं
हम
कहीं
भी
अगर
देखते
हैं
लोग
वाक़िफ
नहीं
तिश्नगी
से
और
उसकी
नज़र
देखते
हैं
इस
क़दर
ख़ौफ़
है
ज़िंदगी
का
मौत
को
सर-ब-सर
देखते
हैं
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
अपनी
अना
के
मारे
हैं
हर
बार
ख़ुद
से
हारे
हैं
कैसे
रखें
मरहम
कोई
ये
ज़ख़्म
हमको
प्यारे
हैं
देखो
कभी
इन
आँखों
में
वादे
वो
इन
में
सारे
हैं
हम
देखें
कैसे
आइना
आँखों
से
हम
भी
खारे
हैं
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
1 Like
मुतमइन
सारा
ज़माना
है
मुख़्तसर
अपना
ठिकाना
है
घोंट
दे
साँसें
न
दम
जानाँ
सहरा
सहरा
गुल
खिलाना
है
चंद
लम्हें
चंद
रातें
बस
और
साहिब
क्या
बहाना
है
सिलवटें
पड़ने
लगी
हैं
फिर
ज़र्फ़
अपना
आज़माना
है
ज़िंदगी
से
आख़िरी
'अंकुर'
मौत
को
रिश्ता
निभाना
है
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Mehman Shayari
Fantasy Shayari
Sharaab Shayari
Sukoon Shayari
Environment Shayari