वारस्ताउससेहैंकिमोहब्बतहीक्यूँँनहो
कीजेहमारेसाथअदावतहीक्यूँँनहो
छोड़ानमुझमेंज़ोफ़नेरंगइख़्तिलातका
हैदिलपेबारनक़्श-ए-मोहब्बतहीक्यूँँनहो
हैमुझकोतुझसेतज़्किरा-ए-ग़ैरकागिला
हर-चंदबर-सबील-ए-शिकायतहीक्यूँँनहो
पैदाहुईहैकहतेहैंहरदर्दकीदवा
यूँँहोतोचारा-ए-ग़म-ए-उल्फ़तहीक्यूँँनहो
डालानबे-कसीनेकिसीसेमुआ'मला
अपनेसेखींचताहूँख़जालतहीक्यूँँनहो
हैआदमीबजाएख़ुदइकमहशर-ए-ख़याल
हमअंजुमनसमझतेहैंख़ल्वतहीक्यूँँनहो
हंगामा-ए-ज़बूनी-ए-हिम्मतहैइंफ़िआल
हासिलनकीजेदहरसइबरतहीक्यूँँनहो
वारस्तगीबहाना-ए-बेगानगीनहीं
अपनेसेकरनग़ैरसेवहशतहीक्यूँँनहो
मिटताहैफ़ौत-ए-फ़ुर्सत-ए-हस्तीकाग़मकोई
उम्र-ए-अज़ीज़सर्फ़-ए-इबादतहीक्यूँँनहो
उसफ़ित्ना-ख़ूकेदरसेअबउठतेनहीं'असद'
उसमेंहमारेसरपेक़यामतहीक्यूँँनहो