shumaar-e-subha marghoob-e-but-e-mushkil-pasand aaya | शुमार-ए-सुब्हा मर्ग़ूब-ए-बुत-ए-मुश्किल-पसंद आया

  - Mirza Ghalib
शुमार-ए-सुब्हामर्ग़ूब-ए-बुत-ए-मुश्किल-पसंदआया
तमाशा-ए-ब-यक-कफ़बुर्दन-ए-सद-दिल-पसंदआया
ब-फैज़-ए-बे-दिलीनौमीदी-ए-जावेदआसाँहै
कुशायिशकोहमाराउक़्दा-ए-मुश्किल-पसंदआया
हवा-ए-सैर-ए-गुलआईना-ए-बे-मेहरी-ए-क़ातिल
किअंदाज़-ए-ब-खूं-ग़ल्तीदन-ए-बिस्मिल-पसंदआया
रवानी-हा-ए-मौज-ए-ख़ून-ए-बिस्मिलसेटपकताहै
किलुत्फ़-ए-बे-तहाशा-रफ़्तन-ए-क़ातिल-पसंदआया
'असद'हरजासुख़ननेतरह-ए-बाग़-ए-ताज़ाडालीहै
मुझेरंग-ए-बहार-ईजादि-ए-बे-दिल-पसंदआया
  - Mirza Ghalib
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