शिकवेकेनामसेबे-मेहरख़फ़ाहोताहै
येभीमतकहकिजोकहिएतोगिलाहोताहै
पुरहूँमैंशिकवेसेयूँँरागसेजैसेबाजा
इकज़राछेड़िएफिरदेखिएक्याहोताहै
गोसमझतानहींपरहुस्न-ए-तलाफ़ीदेखो
शिकवा-ए-जौरसेसरगर्म-ए-जफ़ाहोताहै
इश्क़कीराहमेंहैचर्ख़-ए-मकोकबकीवोचाल
सुस्त-रौजैसेकोईआबला-पाहोताहै
क्यूँँनठहरेंहदफ़-ए-नावक-ए-बेदादकिहम
आपउठालातेहैंगरतीरख़ताहोताहै
ख़ूबथापहलेसेहोतेजोहमअपनेबद-ख़्वाह
किभलाचाहतेहैंऔरबुराहोताहै
नालाजाताथापरेअर्शसेमेराऔरअब
लबतकआताहैजोऐसाहीरसाहोताहै
ख़ामामेराकिवोहैबारबुद-ए-बज़्म-ए-सुख़न
शाहकीमद्हमेंयूँँनग़्मा-सराहोताहै
ऐशहंशाह-ए-कवाकिबसिपह-ओ-मेहर-अलम
तेरेइकरामकाहक़किससेअदाहोताहै
सातअक़्लीमकाहासिलजोफ़राहमकीजे
तोवोलश्करकातिरेनाल-ए-बहाहोताहै
हरमहीनेमेंजोयेबद्रसेहोताहैहिलाल
आस्ताँपरतिरेमहनासियासाहोताहै
मैंजोगुस्ताख़हूँआईन-ए-ग़ज़ल-ख़्वानीमें
येभीतेराहीकरमज़ौक़-फ़ज़ाहोताहै
रखियो'ग़ालिब'मुझेइसतल्ख़-नवाईमेंमुआ'फ़
आजकुछदर्दमिरेदिलमेंसिवाहोताहै