raat guzre hai mujhe naz'a men rote rote | रात गुज़रे है मुझे नज़्अ' में रोते रोते

  - Meer Taqi Meer
रातगुज़रेहैमुझेनज़्अ'मेंरोतेरोते
आँखेंफिरजाएँगीअबसुब्हकेहोतेहोते
खोलकरआँखउड़ादीदजहाँकाग़ाफ़िल
ख़्वाबहोजाएगाफिरजागनासोतेसोते
दाग़उगतेरहेदिलमेंमिरीनौमीदीसे
हारामेंतुख़्मतमन्नाकोभीबूतेबूते
जीचलाथाकितिरेहोंटमुझेयादआए
ला'लपाएँहैंमैंइसजीहीकेखोतेखोते
जमगयाख़ूँकफ़-ए-क़ातिलपेतरह'मीर'ज़ि-बस
उननेरोरोदियाकलहाथकोधोतेधोते
  - Meer Taqi Meer
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