kya kahooñ kaisa sitam ghaflat se mujh par ho gaya | क्या कहूँ कैसा सितम ग़फ़लत से मुझ पर हो गया

  - Meer Taqi Meer
क्याकहूँकैसासितमग़फ़लतसेमुझपरहोगया
क़ाफ़िलाजातारहामैंसुब्हहोतेसोगया
बे-कसीमुद्दततलकबरसाकीअपनीगोरपर
जोहमारीख़ाकपरसेहोकेगुज़रारोगया
कुछख़तरनाकीतरीक़-ए-इश्क़मेंपिन्हाँनहीं
खपगयावोराह-रौइसराहहोकरजोगया
मुद्दआ'जोहैसोवोपायानहींजाताकहीं
एकआलमजुस्तुजूमेंजीकोअपनेखोगया
'मीर'हर-यकमौजमेंहैज़ुल्फ़हीकासादिमाग़
जबसेवोदरियापेकरबालअपनेधोगया
  - Meer Taqi Meer
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