kuchh karo fikr mujh deewane ki | कुछ करो फ़िक्र मुझ दीवाने की

  - Meer Taqi Meer
कुछकरोफ़िक्रमुझदीवानेकी
धूमहैफिरबहारआनेकी
दिलकाउसकुंज-ए-लबसेदेहैनिशाँ
बातलगतीतोहैठिकानेकी
वोजोफिरताहैमुझसेदूरहीदूर
हैयेतक़रीबजीकेजानेकी
तेज़यूँँहीथीशबआतिश-ए-शौक़
थीख़बरगर्मउसकेआनेकी
ख़िज़्रउसख़त्त-ए-सब्ज़परतोमुआ
धुनहैअबअपनेज़हरखानेकी
दिल-ए-सद-चाकबाब-ए-जुल्फ़हैलेक
बावसीबंधरहीहैशानेकी
किसूकम-ज़र्फ़नेलगाईआह
तुझसेमय-ख़ानेकेजलानेकी
वर्नाशैख़-ए-शहरवाजिबथी
जाम-दारीशराब-ख़ानेकी
जोहैसोपाएमाल-ए-ग़महै'मीर'
चालबे-डोलहैज़मानेकी
  - Meer Taqi Meer
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