dil-e-betaab aafat hai bala hai | दिल-ए-बेताब आफ़त है बला है

  - Meer Taqi Meer
दिल-ए-बेताबआफ़तहैबलाहै
जिगरसबखागयाअबक्यारहाहै
हमारातोहैअस्ल-ए-मुद्दआतू
ख़ुदाजानेतिराक्यामुद्दआहै
मोहब्बत-कुश्ताहैंहमयाँकिसूपास
हमारेदर्दकीभीकुछदवाहै
हरमसेदैरउठजानानहींऐब
अगरयाँहैख़ुदावाँभीख़ुदाहै
नहींमिलतासुख़नअपनाकिसूसे
हमारागुफ़्तुगूकाढबजुदाहै
कोईहैदिलखिंचेजातेहैंऊधर
फ़ुज़ूलीहैतजस्सुसयेकिक्याहै
मरूँमैंइसमेंयारहजाऊँजीता
यहीशेवामिरामेहर-ओ-वफ़ाहै
सबाऊधरगुलऊधरसर्वऊधर
उसीकीबाग़मेंअबतोहवाहै
तमाशा-कर्दनीहैदाग़-ए-सीना
येफूलइसतख़्तेमेंताज़ाखिलाहै
हज़ारोंउननेऐसीकींअदाएँ
क़यामतजैसेइकउसकीअदाहै
जगहअफ़्सोसकीहैबादचंदे
अभीतोदिलहमाराभीबजाहै
जोचुपकेहूँकहेचुपकेहोक्यूँँतुम
कहोजोकुछतुम्हारामुद्दआहै
सुख़नकरिएतोहोवेहर्फ़-ज़नयूँँ
बसअबमुँहमूँदलेमैंनेसुनाहै
कबउसबेगाना-ख़ूकोसमझेआलम
अगरचेयारआलम-आश्नाहै
आलममेंहैनेआलमसेबाहर
सबआलमसेआलमहीजुदाहै
लगामैंगिर्दसरफिरनेतोबोला
तुम्हारा'मीर'साहिबसर-फिराहै
  - Meer Taqi Meer
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