kab talak jee ruke KHafaa hove | कब तलक जी रुके ख़फ़ा होवे

  - Meer Taqi Meer
कबतलकजीरुकेख़फ़ाहोवे
आहकरिएकिटकहवाहोवे
जीठहरजाएयाहवाहोवे
देखिएहोतेहोतेक्याहोवे
करनमकसूदसीना-ए-मजरूह
जीमेंगरहैकिकुछमज़ाहोवे
काहिश-ए-दिलकीकीजिएतदबीर
जानमेंकुछभीजोरहाहोवे
चुपकाबाइ'सेहैबे-तमन्नाई
कहिएकुछभीतोमुद्दआ'होवे
बेकलीमारेडालतीहैनसीम
देखिएअबकेसालक्याहोवे
मरगएहमतोमरगएतोजी
दिल-गिरफ़्तातिरीबलाहोवे
इश्क़कियाहैदुरुस्तनासेह
जानेवोजिसकादिल-लगाहोवे
फिरशैताँसुजूद-ए-आदमसे
शायदउसपर्देमेंख़ुदाहोवे
सुनारातहमनेइकनाला
ग़ालिबन'मीर'मररहाहोवे
  - Meer Taqi Meer
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