gul sharm se bah jaayega gulshan men ho kar aab sa | गुल शर्म से बह जाएगा गुलशन में हो कर आब सा

  - Meer Taqi Meer
गुलशर्मसेबहजाएगागुलशनमेंहोकरआबसा
बुर्केसेगरनिकलाकहींचेहरातिरामहताबसा
गुल-ए-बर्गकायेरंगहैमर्जांकाऐसाढंगहै
देखोझुमकेहैपड़ावोहोंटलाल-ए-नाबसा
वोमाया-ए-जाँतोकहींपैदानहींजोंकीमिया
मैंशौक़कीइफ़रातसेबेताबहूँसीमाबसा
दिलताबहीलायाटुकतायादरहताहम-नशीं
अबऐशरोज़-ए-वस्लकाहैजीमेंभूलाख़्वाबसा
सन्नाहटेमेंजानकेहोश-ओ-हवासे-ओ-दमथा
अस्बाबसारालेगयाआयाथाइकसैलाबसा
हमसर-कशीसेमुद्दतोंमस्जिदसेबचबचकरचले
अबसज्देहीमेंगुज़रेहैक़दजोहुआमेहराबसा
थीइश्क़कीवोइब्तिदाजोमौजसीउट्ठीकभू
अबदीदा-ए-तरकोजोतुमदेखोतोहैगिर्दाबसा
बहकेजोहममस्तगएसौबारमस्जिदसेउठा
वाइ'ज़कोमारेख़ौफ़केकललगगयाजुल्लाबसा
रखहाथदिलपर'मीर'केदरयाफ़्तकरक्याहालहै
रहताहैअक्सरयेजवाँकुछइनदिनोंबेताबसा
  - Meer Taqi Meer
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