gul ko mahboob ham-qyaas kiya | गुल को महबूब हम-क़्यास किया

  - Meer Taqi Meer
गुलकोमहबूबहम-क़्यासकिया
फ़र्क़निकलाबहुतजोपासकिया
दिलनेहमकोमिसाल-ए-आईना
एकआलमकारू-शनासकिया
कुछनहींसूझताहमेंउसबिन
शौक़नेहमकोबे-हवासेकिया
इश्क़मेंहमहुएदीवाने
क़ैसकीआबरूकापासकिया
दौरसेचर्ख़केनिकलसके
ज़ोफ़नेहमकोमूरतासकिया
सुब्हतकशम्अ'सरकोधुनतीरही
क्यापतिंगेनेइल्तिमासकिया
तुझसेक्याक्यातवक्क़ोएँथींहमें
सोतिरेज़ुल्मनेनिरासकिया
ऐसेवहशीकहाँहैंख़ूबाँ
'मीर'कोतुमअबसउदासकिया
  - Meer Taqi Meer
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