dil se shauq-e-rukh-e-nikoo na gaya | दिल से शौक़-ए-रुख़-ए-निकू न गया

  - Meer Taqi Meer
दिलसेशौक़-ए-रुख़-ए-निकूगया
झाँकना-ताकनाकभूगया
हरक़दमपरथीउसकीमंज़िललेक
सरसेसौदा-ए-जुस्तजूगया
सबगएहोशसब्रताबतवाँ
लेकिनदाग़दिलसेतूगया
दिलमेंकितनेमुसव्वदेथेवले
एकपेशउसकेरू-ब-रूगया
सुब्हा-गर्दांही'मीर'हमतोरहे
दस्त-ए-कोताहता-सुबूगया
  - Meer Taqi Meer
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy