dil ki taraf kuchh aah se dil ka lagao hai | दिल की तरफ़ कुछ आह से दिल का लगाओ है

  - Meer Taqi Meer
दिलकीतरफ़कुछआहसेदिलकालगाओहै
टकआपभीतोआइएयाँज़ोरबावहै
उठतानहींहैहाथतिरातेग़-ए-जौरसे
नाहक़कुशीकहाँतईंयेक्यासुभावहै
बाग़-ए-नज़रहैचश्मकेमंज़रकासबजहाँ
टकठहरोयाँतोजानोकिकैसादिखाओहै
तक़रीबहमनेडालीहैउससेजूएकीअब
जोबनपड़ेहैटकतोहमाराहीदावहै
टपकाकरेहैआँखसेलोहूहीरोज़-ओ-शब
चेहरेपेमेरेचश्महैयाकोईघावहै
ज़ब्तसरिश्क-ए-ख़ूनींसेजीक्यूँँकेशादहो
अबदिलकीतरफ़लोहूकासाराबहाओहै
अबसबकेरोज़गारकीसूरतबिगड़गई
लाखोंमेंएकदोकाकहींकुछबनाओहै
छातीकेमेरीसारेनुमूदारहैंयेज़ख़्म
पर्दारहाहैकौनसाअबक्याछुपाओहै
आशिक़कहेंजोहोगेतोजानोगेक़द्र-ए-'मीर'
अबतोकिसीकेचाहनेकातुमकोचावहै
  - Meer Taqi Meer
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